1. कुछ शास्त्रों में मणिधर नागों के बारे में उल्लेख मिलता है जिससे हम कह सकते है की सच में नागमणि भी होती है. प्रमुख ग्रंथ वृहत्ससंहिबता में भी विस्तार से लिखा गया है की इस संसार में मणिधर नाग का भी अस्तित्व है.

  2. नागमणि के बारे में सुनते ही आपके मन में यह विचार आता है, की यह जिसके पास होती है वह बहुत ही शक्तिशाली होता है, वह कुछ भी कर सकता है, उसमे असीम शक्ति होती है, क्या ऐसा वाकई में होता है, लेकिन ऐसा माना जाता है, मगर ऐसा होता नहीं है, सबसे पहली बात यह है की क्या नागमणि होती है, क्योकि इस बात को लेकर भी बहुत समस्या है कुछ लोग मानते है, कुछ नहीं.

  3. ऐसा इसलिए भी होता है क्योकि किसी ने भी नागमणि को नहीं देखा कोई भी यह बात नहीं जनता है की नागमणि होती भी है या नहीं, आप सभी ने फिल्मो में देखा होगा की जिसके पास नागमणि होती है वह बहुत शक्तिशाली होता है वह कुछ भी कर सकता है, मगर यह सही नहीं नागमणि की कुछ अपनी विशेषता है जिनके बारे में शायद आप नहीं जानते होंगे.

  4. नागमणि हमेशा सर्प के सर पर मौजूद होती है, हलाकि ऐसे सर्प किसी को दिखाई नहीं दिए है इसलिए यह माना जाता है की यह होते ही नहीं है, जिस सर्प के पास नागमणि होती है, उस जगह पर इतनी त्रीव प्रकाश होता है की आप उसे देख भी नहीं सकते है, क्योकि उसकी रौशनी बहुत ही तेज होती है, उसके चारो और फैला हुआ प्रकाश नज़र आता है.

  5. ऐसा माना जाता है की जिसके पास नागमणि होती है उसके सभी कार्य आराम से हो जाते है, हम यह कह सकते है की नागमणि जिसके पास है वह अपने साधन को बहुत अधिक मात्रा में प्रयोग कर सकता है, नागमणि होने से वह अपने जीवन में खुशिया प्राप्त कर सकता है, यहां इसका मतलब यह नहीं है की उसके पास जादुई शक्ति आ जाती है.

  6. हम यह कह सकते है की उसके कार्य बिना अड़चन के पुरे हो जाते है, इसलिए ऐसा माना जाता है की जिस व्यक्ति के पास नागमणि होती है उसकी मेहनत सफल हो जाती है, उसका भाग्य चमकने लगता है, जिस तरह नागमणि चमकती है, ऐसा भी माना जाता है जिसके पास नागमणि होती है उस पर विष का कोई भी प्रभाव नहीं होता है, वह व्यक्ति अपने अधूरे कार्यो को पूरा कर सकता है.

  7. ऐसे नागों का मिलना आम इंसानों के लिए मुमकिन ही है है, इसीलिए लोग यही कहते है की मणिधर नाग जैसा कुछ होता ही नही है. सर्पमणि जिसको हम नाग मणि से नाम से जानते है यह संपो के सिर पर पायी जाती है. नागमणि में एक विशेष प्रकार की चमक होती है और ये जहा कही भी होती है उसके आसपास तेज रौशनी फैली हुई होती है.

    क्या आप जानते है नागमणि मोर के कंठ के जैसी और अग्नि से भी ज्यादा चमकीली होती है, नागमणि बेहद ही ज्यादा प्रभावशाली और अलौकिक होती है और यह जिसके पास होती है उसपर विष का प्रभाव कभी नहीं पड़ता और नाही उस व्यक्ति को कोई रोग होता है.

    वराहमिहिर का कहना है की जिस राजा के पास यह नागमणि होती है वह अपने शत्रु पर हमेशा विजय प्राप्त करता है और उस राज्य में वर्षा होती रहती है साथ ही प्रजा भी खुशहाल रहती है, वराहमिहिर ने यह बातें इसीलिए लिखी हुई है क्यूंकि उस ज़माने में राजा-महाराजा हुआ करते थे.

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