मानसिक तनाव (Stress)  कई बार बहुत ज्यादा स्ट्रेस लेने से भी पीरियड्स टाइम पर नहीं आते हैं. लगातार स्ट्रेस में रहने से बॉडी में एस्ट्रोजन ओर कॉर्टिसोल नामक हॉर्मोन रिलीज़ होने लगते हैं. यदि बॉडी में इनका लेवल बढ़ेगा तो पीरियड्स समय पर आने में दिक्कत होगी. इसलिए यदि आपके पीरियड्स टाइम पर नहीं आ रहे हैं तो इसका एक कारण तनाव भी हो सकता है.

PCOS (पोलिसिस्टिक ओवरी सिम्पटम)  PCOS की समस्या होने पर शरीर में मेल हॉर्मोन की मात्रा में बढ़ोत्तरी होती है. यह इनफर्टिलिटी और पीरियड्स मिस होने की समस्या को बढ़ावा देता है. आजकल की बहुत सारी युवा लड़कियों में PCOS की समस्या देखने को मिलती है. थाइरॉयड (Thyroid) यदि गले में मौजूद आपका थाइरॉयड ग्लैंड अंडरएक्टिव या ओवरएक्टिव होगा तो बॉडी के हॉर्मोन का बैलेंस बिगड़ जाएगा. आपके पीरियड्स टाइम पर नहीं आते हैं तो इसका एक कारण थाइरॉयड भी हो सकता है. इसलिए पीरियड्स टाइम पर न आने पर एक बार थाइरॉयड का भी टेस्ट ज़रूर करवा लें.

कई लोगों का पीरियड्स कई बार मिस होता है, और लोग तनाव में आ जाते हैं। एक नियमित मासिक धर्म चक्र 21 से 35 दिनों के बीच में आता है। अनियमित मासिक धर्म चक्र में अवधि 35 दिनों से लम्बी हो जाती है या बदल जाती है। मासिक धर्म शुरू होने के बाद इन्हे नियमित होने में 2 साल तक का समय लग सकता है। कई ऐसे कारण होते हैं, जिनके कारण आपके पीरियड्स आने में देर हो सकते हैं या ये अनियमित रूप से आ सकते हैं। पीरियड्स लेट आने के ये मुख्य वजहें हो सकती हैं.

  1. वजन का कम होना: यदि आपका वजन सामान्य से बहुत कम है तो आपका मासिक चक्र अनियमित हो सकता है। मासिक चक्र को नियमित करने के लिये अपना वजन बीएमआई इंडेक्स के अनुसार मापें और वजन बढाकर सामान्य करें।

  2. वजन का बहुत ज्यादा होना: यदि आपका वजन सामान्य से ज्यादा है तो भी यह आपके लिये हानिकारक है, आपका मोटा होना आपके हार्मोनल परिवर्तन का कारण बन सकता है। इसको सही करने के लिये आप डॉक्टर से मिलें और अपनी समस्या बतायें।

  3. गर्भनिरोधक का इस्तेमाल करना: जन्म नियंत्रण की गोलियों में जो हार्मोन होते हैं वो जो आपके हार्मोन को अंडे जारी करने से रोकते हैं। जन्म नियंत्रण की गोलियों का इस्तेमाल करने के बाद आपका पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं।

  4. तनाव: तनाव आपको मानसिक और शारीरिक, दोनों रूप से परेशान करता है। समय के साथ तनाव आपके चक्र को भी प्रभावित कर सकता है।

  5. डाइबीटीज़: यदि आप डाइबीटीज़ से पीड़ित हैं तो यह भी आपके मासिक धर्म चक्र को प्रभावित कर ससक्त है।

  6. स्तनपान कराना: यदि आप नियमित रूप से स्तनपान करती हैं तो इससे भी आपका पीरियड्स कुछ दिन की देरी से आ सकती है।

  7. जीवनशैली का बदलना: यदि आपकी जीवनशैली में अचानक से बदलाव ( नींद का समय या खान पान का अचानक से बदल जाना ) आ जाता है तो इससे भी आपके पीरियड्स में बदलाव आ सकते हैं।

  • यदि आपका मासिक धर्म चक्र की कोई भी परेशानी है या आपको कोई भी महिलाओं से जुडी परेशानी है तो अपने डॉक्टर से सम्पर्क करें नहीं तो समय बीतने के साथ यह आपके लिये बड़ी परेशानी बन सकता है।

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