उत्तर प्रदेश की नहरें

नहरों के वितरण एवं विस्तार क दृष्टि से उत्तर प्रदेश का अग्रणीय स्थान है। यहाँ की कुल सिंचित भूमि का लगभग 30 प्रतिशत भाग नहरों के द्वारा सिंचित होता है। यहाँ की नहरें भारत की प्राचीनतम नहरों में से एक हैं। प्रदेश की प्रमुख नहरें निम्नलिखित हैं:-

पूर्वी यमुना नहर
आगरा नहर
ऊपरी गंगा नहर
निचली गंगा नहर
शारदा नहर
बेतवा नहर
केन नहर
धसांन नहर
घाघरा नहर
ललितपुर नहर
मौहदा बाँध नहर
सपरार नहर
रानी लक्ष्मीबाई बाँध नहर
अर्जुन बाँध की नहर
रगँवा बाँध नहर
बेलन टौंस नहर
नगवाँ बाँध नहर
नौगढ़ बाँध नहर
चन्द्र प्रभा बाँध नहर
अहरौरा बाँध नहर
बानगंगा नहर
रामगंगा नहर
शारदा सागर की नहर
नानक सागर योजना नहर
तुमरिया जलाशय की नहर
मेजा जलाशय की नहर
गंडक नहर
घाघरा नहर।

इसके अतिरिक्त बेलन नहर प्रणाली, तुमरिया जलाशय (नैनीताल), ललितपुर नहर प्रणाली, केन नहर प्रणाली, सपरार, अर्जुन एवं कबरई बाँध की नहरों का विस्तार किया गया है। बौर (नैनीताल), पिलीभीत जलाशय (नैनीताल), चित्तौड़गढ़ (गोंडा), चितिया (गोंडा), भूसाखण्ड (वाराणसी), टकिया (बहराइच), बहमुल (नैनीताल), सेवती (मिर्ज़ापुर), नवलगढ़ (गोंडा) एवं तुण्दपारी (इलाहाबाद) जलाशय भी निर्मित किए गए हैं। इनसे नहरें निकालकर सिंचाई की जाती है।

उत्तर प्रदेश की झीलें

उत्तर प्रदेश में झीलों का अभाव है। यहाँ की अधिकांश झीलें कुमाऊँ क्षेत्र में हैं जो कि प्रमुखतः भूगर्भीय शक्तियों के द्वारा भूमि के धरातल में परिवर्तन हो जाने के परिणामस्वरूप निर्मित हुई हैं।

राज्य की झील

राज्य की झीलों में निम्न के नाम उल्लेखनीय है।

पूनाताल,
मालवाताल
खुरपाताल

उत्तर प्रदेश की पहाड़ी क्षेत्र में स्थित गंगोत्री और यमुनोत्री भी एक प्रकार की झील है, जिनसे भागीरथी और यमुना नदियों का उदगम होता है।

निर्माण

झीलों का निर्माण भूगर्भिक हलचलों से, गर्तों के जलप्लावित होने से और नदियों के मोड़ों से निर्मित गोखुर झील आदि के अनेक उदाहरण उत्तर प्रदेश में दृष्टिगोचर होते हैं।
भूगर्भिक हलचलों के कारण पड़ी दरार गर्त से निर्मित झीलों का प्रमुख उदाहरण मिर्ज़ापुर ज़िले का टाण्डादरी ताल है, जिसके जल का उपयोग मिर्ज़ापुर नगर में किया जाता है। यह ताल मिर्ज़ापुर से 14 किमी दूर स्थित है।
गर्तों के जलप्लावित होने से बनी अनेक झीलें पर्वतीय भाग में पायी जाती हैं।

अन्य प्रकार की झील

कुछ अन्य प्रकार की झीलों में निम्न के नाम उल्लेखनीय हैं।

शहर झील

लखनऊ दुलास खेड़ा के निकट करेला व मोहना के समीप इतौजा
रायबरेली भुगेताल तथा विसैया
प्रतापगढ़ बेती तथा नइया
सुल्तानपुर राजा का बाँध, लौधीताल, भोजपुर
रामपुर मोती व गौर
उन्नाव कुन्द्रा समुन्दर
कानपुर बलाहापारा
फतेहपुर मोराय
वाराणसी औंधी ताल
आगरा कीठम झील

नदी मोड़ से निर्मित गौखुर झील का मुख्य उदाहरण शाहजहाँपुर ज़िले की बड़ाताल झील जो रामगंगा नदी के मोड़ द्वारा निर्मित है।

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