👉 भानगढ़ किले का निर्माण 17वीं शताब्दी में मान सिंह के छोटे भाई राजा माधो सिंह ने करवाया था.राजा माधो सिंह उस समय अकबर के सेना में जनरल के पद पर तैनात थे. निर्माण के पश्चात् यह किला करीब 300 वर्षों तक फला-फूला और आबाद रहा व् प्राचीन समय में इस किले व् भानगढ़ गांव में लगभग 10000 लोग रहा करते थे.

👉 भानगढ़ किले को बनाने में अवल दर्जे की कारीगरी का उपयोग किया गया था. इस किलो को बनाने में  मजबूत पत्थरों से लेकर, सुन्दर शिल्पकलाएँ, पथरो पर हाथो की कारीगिरी इत्यादि की गयी थी.

👉 इसके अलावा इस किले में कई मंदिर भी बनाए गए थे.

👉 भानगढ़ किले को लेकर कहा जाता है इस किले में बेहद सुंदर राजकुमारी रत्नावती रहती थी. जिस पर एक तांत्रिक सिन्धु सेवड़ा का दिल आ गया था और वह राजकुमारी को हासिल करना चाहता था. जिसके लिए उसने तंत्र विद्या का सहारा लिया. परंतु राजकुमारी को इस बात का पहले ही पता चल गया था.इसी कारण तांत्रिक को अपने प्राणो से हाथ धोना पड़ा.परंतु तांत्रिक ने मरने से पहले इस  किले को लोगो को श्राप दिया कि कि भानगढ़ किले में रहने वाले सभी व्यक्तियों की जल्दी ही मृत्यु हो जाएगी. उनकी आत्माएं सदैव इस किले में भटकती रहेंगी वो कभी दुबारा जन्म नहीं ले सकेंगी. यह कहकर तांत्रिक ने अपने प्राण त्याग दिए.

👉 तांत्रिक सिन्धु सेवड़ा की मृत्यु के कुछ समय पश्चात अजबगढ़ और भानगढ़ में घनघोर युद्ध हुआ तथा किले में रहने वाले सभी लोग मारे गए. इस युद्ध में राजकुमारी रत्नावती की मृत्यु हो गयी. उस किले में इतना कत्लेआम मचा कि इसकी चर्चे दूर दूर तक होने लगे. लोग कहते है कि आज भी इस किले में मरने वाले लोगों की आत्माएं घूमती है और चींखती है.

👉 क्या आप जानते है भानगड किले में आज भी सूरज ढलने के बाद रुकने कि मनाई है. यहां आप सूरज ढलने के बाद नहीं रुक सकते.

👉 भानगढ़ किले को लेकर यह कहा जाता है कि यहाँ पर सेकड़ो रूह का कब्ज़ा है. अगर कोई भी व्यक्ति इस किले में रात गुजरता है तो या तो वह पागल हो जाता है या उसकी मृत्यु हो जाती है.

👉 इस किले में अचानक किसी के चीखने कि आवाजे सुनाई देती है.

👉 भानगड किले कि रहस्यमयी घटनाओं के कारण पुरातत्व विभाग द्वारा भानगढ़ किले को भुतहा घोषित कर दिया है. किले के प्रवेश द्वार पर पुरातत्व विभाग द्वारा बोर्ड लगाया गया है, जिसके अनुसार सूर्योदय और सूर्यास्त के उपरांत किले में प्रवेश वर्जित है

👉 भानगढ़ किला अलवर जिले में स्थित है. अगर आप यहाँ जाना चाहते है तो सिर्फ दिन के उजाले में ही इस किले को देख सकते है.

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