#1. बादामी किला

बादामी किला इस क्षेत्र का एक प्रमुख आकर्षण है जो एक पहाडी के शीर्ष पर बादामी गुफाओं के ठीक सामने स्थित है। यह किला मुख्य शहर से 2 किमी. की दूरी पर तथा भूतनाथ मंदिर की पूर्व दिशा में स्थित है। एक समय में यह चालुक्य वंश के राजाओं का घर था।

#2. बेकल किला

बेकल किला अंतहीन तरंगों की अनन्त प्रतिष्ठा के साथ ताड़ के वृक्षों की दो झालरदार तटों के बीच उन्नत रूप से खड़ा हुआ है। मिथकों के अनुसार यह किला चिरक्कल राजाओं के समय से है क्योंकि उन दिनों सुरक्षा की दृष्टि से किले बनाना एक आम बात थी।

#3. भानगढ़ का किला

राजस्थान के अलवर जिले में स्थित भानगढ़ का किला एक मध्ययुगीन किला है । यह किला अम्बेर के महान मुगल सेनापति,मान सिंह के बेटे माधो सिंह द्वारा 1613 में बनवाया गया था। राजा माधो सिंह अकबर की सेना के जनरल थे। ये किला जितना शानदार है उतना ही विशाल भी है, वर्तमान में ये किला एक खंडहर में तब्दील हो गया है।

#4. किला फोर्ट विलियम

ये किला पश्चिम बंगाल के कोलकाता में है आज इस कोलकाता हाई कोर्ट के नाम से भी जाना जाता है। चम्पानेर फोर्ट इस किले का भी शुमार भारत के सबसे खूबसूरत किलों में किया जाता है। ये स्थाना एक युनेस्को विश्व धरोहर स्थल है,जिसे इस सूची में सन 2004 में सम्मिलित किया गया था।

#5. दौलताबाद किला

दौलताबाद किला’-एक उपेक्षित किला ! न शोधकर्ताओं की नज़र पड़ती है न ही इसे संरक्षित रखने के प्रयाप्त उपाय किए जा रहे हैं.कमजोर दीवारें गिर रही हैं..एक प्राचीन धरोहर भारत खोता जा रहा है.इतिहास गवाह है -यही एक मात्र एक ऐसा किला है जिसे कभी कोई जीत नहीं सका।

#6. आगरा का किला

आगरा के किले को कभी-कभी लाल किला भी कहा जाता है। न सिर्फ लाल रंग, बल्कि दिल्ली स्थित लाल किले से इसकी वास्तुशिल्प शैली और डिजाइन भी काफी मिलती है। दोनों ही किले का निर्माण लाल बलुआ पत्थर से किया गया है। यही कारण है कि जब पर्यटक आगरा के किले को देखते हैं, तो उन्हें दिल्ली का लाल किला याद आ जाता है।

#7. गोलकोण्डा का किला

गोलकुंडा या गोलकोण्डा दक्षिणी भारत में, हैदराबाद नगर से पाँच मील पश्चिम स्थित एक दुर्ग तथा ध्वस्त नगर है। पूर्वकाल में यह कुतबशाही राज्य में मिलनेवाले हीरे-जवाहरातों के लिये प्रसिद्ध था।

#7. ग्वालियर किला

भारत का शानदार और भव्य स्मारक, ग्वालियर का किला ग्वालियर के केंद्र में स्थित है। पहाडी की चोटी पर स्थित इस स्थान से घाटी और शहर का सुंदर दृश्य देखा जा सकता है। पहाड़ी की ओर जाने वाले वक्र रास्ते की चट्टानों पर जैन तीर्थंकरों की सुंदर नक्काशियां देखी जा सकती हैं। वर्तमान में स्थित ग्वालियर किले का निर्माण तोमर वंश के राजा मान सिंह तोमर ने करवाया था।

#8. जैसलमेर किला

जैसलमेर किले को जैसलमेर की शान के रूप में माना जाता है और यह शहर के केन्द्र में स्थित है। यह ‘सोनार किला’ या ‘स्वर्ण किले’ के रूप में भी जाना जाता है क्योंकि यह पीले बलुआ पत्थर का किला सूर्यास्त के समय सोने की तरह चमकता है। इसे 1156 ई0 में एक भाटी राजपूत शासक जैसल द्वारा त्रिकुरा पहाड़ी के शीर्ष पर निर्मित किया गया था।

#9. वारंगल किला

वारंगल का किला अपने आप में अलग प्रकार का आकर्षण है जिसका पर्यटक आनन्द ले सकते हैं। इसे दक्षिण भारतीय वास्तुकला का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण माना जाता है। गणपतिदेव ने 1199 ई0 में किले की शुरुआत कराई लेकिन इसका ऩिर्माण उनकी पुत्री रानी रुद्रामा देवी के समय में 1261ई0 में पूर्ण हुआ।

#10. पन्हाला किला

पन्हाला किला पन्हाला के क्षेत्र के एक चिन्हक किला है। इस का नाम शहर के नाम पर ही है और यह डेक्कन क्षेत्र का सबसे बड़ा और शानदार किला है। इस स्मारक का निर्माण लगभग 900 साल पहले 12 वीं शताब्दी में राजा भोज ने कराया था। इस किले का निर्माण सुरक्षा के उद्देश्य से किया गया था और यहाँ पर प्रवेश मज़बूत दुहेरी दीवारों से किया जा सकता था।

#11. अख्‍नुर किल

यह ऐतिहासिक किला जम्‍मू से 32 किमी. की दूरी पर स्थित है जिसे 19 वीं सदी में बनवाया गया था। यह किला चेनाव नदी के तट पर स्थित है। पुरातत्‍वविदों के अनुसार, यह किला कई काल पहले हडप्‍पा संस्‍कृति में बना हुआ है जो बाद में नष्‍ट हो गया था।

#12. असीरगढ किला

असीरगढ किला या असीगढ किले को अहीर राजवंश के राजा आसा अहीर ने बनाया था। पहले इस किले को आसा अहीर गढ कहा जाता था, लेकिन समय के साथ इस किला का नाम छोटा कर दिया गया, और आज अपने मौजूदा नाम से जाना जाता है। स्थानीय किंवदंतियों अनुसार, यह माना जाता है कि इस किले को बल से नहीं जीता जा सकता।

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