इस संसार में आये दिन कुछ न कुछ ऐसी रहस्यमय घटनाये घाटती ही रहती हैं जिस का कारन ढूंढेने में वेज्ञानिको को भी पसीना आ जाता हैं ऐसी ही कुछ घटनाएँ पिछले 6 साल से उत्तरी खजाकिस्तान के कचाली गावं में हो रही हैं।

ये गावं पिछले 6 सालो से एक रहस्यमय बीमारी से पीड़ित हैं इस गावं में कोई भी कही भी कुछ भी करते हुए अचानक से सो जाता हैं और उनकी ये नीदं कुछ घंटो से लेकर कई महीनों तक जरी रहती हैं।

इस रहस्यमय बीमारी के चलते इस गावं को स्लीपी होलो भी कहा जाने लगा हैं गावं में इस बीमारी कि शुरुआत अप्रेल 2010 में हुई थी तब से ये बीमारी लगातार बढती ही जा रही हैं इस गावं कि आबादी करीब 600 हैं।

जिसमे से 14 प्रतिशक आबादी इस बीमारी कि चपेट में आ चुकी हैं इस बेमारी से पीड़ित व्यक्ति को कभी भी अचानक से नींद आ जाती हैं कभी-कभी वह नींद कुछ घंटो कि होती हैं जबकि कभी-कभी वह नींद महीनों तक चलती हैं।

ऐसी ही एक घटना अभी हाल ही में घटित हुई जब आठ बच्चे इसी बिमारी के कारण स्कूल में सो गयें  और आज भी ये बच्चे सो रहे हैं ये रहस्यमय बीमारी क्यों और किस कारण से फेल रही हैं इसका वास्तविक कारण अभी तक वैज्ञानिकों कि पकड़ में नहीं आ सका हैं अभी तक कि जाचं में ये पाया गया हैं कि इस बीमारी से पीड़ित मरीजों के दिमाग में तरल पदार्थ कि मात्रा बढ़ जाती हैं।

लेकिन एक समान्य व्यक्ति के दिमाग में अचनाक से ये तरल पदार्थ क्यों बढ़ जाता हैं इसका कारण अभी तक समझ में नहीं आया हैं डॉक्टर इस का एक मात्र कारण दूषित पानी ही बताते हैं खजाकिस्तान का ये गावं एक बंद हो चुकी युरियन कि खदान के पास स्तिथ हैं।

जिसमें से जहरीली रेडीयेशन होती ही रहती हैं पर इस गावं में रेडीयेशन कि मात्रा कोई खास नहीं हैं साथ ही डॉक्टरस भी इस रेडीयेशन को इसके लिए जिमेदार नहीं मानते हैं अप्रेल 2010 में पहले व्यक्ति को अब तक इस बीमारी का सात बार अटेक आ चूका हैं।

और वह कुछ दिनों से महीनों तक सोता रहता हैं इस प्रकार 6 सालो कि कोशिशो के बावजूद भी वैज्ञानिक इस रहस्यमय बीमारी का कारण और निदान खोज नहीं सके हैं और शायद फ्यूचर में भी नहीं खोज सकेंगे।

इस बीमारी की सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात तो ये है की ऐसी बीमारी से ग्रसित लोगों को इस बात का अहसास ही नहीं होता की वो कब और कहाँ सो गए। इस बीमारी से ग्रसित लोग घर में हों या घर से बाहर सड़क पर, गार्डन में या बाजार कहीं भी अचानक सो जाते हैं। इस गाँव में करीब 600 लोग रहते हैं और जिसमें से करीब 14 प्रतिशत लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं।

इस बीमारी की वजह से इस गांव को Sleepy Hollow नाम से भी जाना जाता है। ऐसा सबसे पहला मामला तक सामने आया जब कुछ बच्चे अचानक स्कूल में सो गए और इस मामले के बाद इस बीमारी से ग्रसित लोगों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ने लगी। इस बीमारी का अब तक कोई पता नहीं लग पाया है की ऐसा क्यों होता है और इसका इलाज क्या है, इस गाँव इस अजीब बीमारी ने सभी को अचंभित कर रखा है।

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